The Affirmation Diaries






सुमति की अलमारी में अब तो उस की साइज़ और फिटिंग के कपड़ो से भरी पड़ी थी. उसके कपड़ो का कलेक्शन बहुत ही सुन्दर दिख रहा था, पर उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या पहने? इतने कपड़ो में ढूंढते हुए उसे बड़ा समय लग जाएगा. आज का मौका ऐसा था कि साड़ी पहनना ही बेस्ट होगा, सो वो अपनी साड़ियों के कलेक्शन में साड़ी देखने लगी. अब शौपिंग में उसे धुप में खूब चलना तो पड़ेगा ही, आखिर दुल्हन की शौपिंग है, एक दूकान में थोड़ी ही हो जायेगी?

“हाँ हाँ मैडम. मैं जानती थी अब जब तुम आ गयी हो तो सब कुछ हो जाएगा.”, सुमति बोली और एक बार फिर अपनी प्यारी सहेली को गले से लगा लिया. उन दोनों को एक बार फिर उन दोनों के बीच की प्यारी दोस्ती का एहसास हुआ. अंजलि फिर किचन जाकर अपने एक हाथ में झाड़ू लेकर वापस आई.

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सुमति खुद को बार बार आईने में निहार रही थी. इतनी सेक्सी नाभि और कमर पे कौन अपनी साड़ी की प्लेट नहीं पहनना चाहेगी भला?

उसने एक बार फिर अपनी more info माँ के खुबसूरत तोहफे को देखा और रोहित से बोली, “ये साड़ी मेरे लिए बहुत स्पेशल है रोहित.

Be aware: No copyright violation supposed. The images Here i will discuss supposed only to provide wings for the creativity for us Specific Ladies who this Modern society addresses as crossdressers. Images might be removed if any objection is lifted below.

कलावती फिर सुमति की पोहा बनाने में मदद करने लगी. दोनों औरतें आपस में खूब बातें करती हुई हँसने लगी. सुमति को औरत बनने का यह पहलु बहुत अच्छा लग रहा था. अपनी सास के साथ वो जीवन की छोटी छोटी खुशियों के बारे में बात कर सकती थी. ऐसी बातें जो आदमी हो कर वो कभी नहीं कर सकती थी. आदमी के रूप में सिर्फ करियर और ज़िम्मेदारी की बातें होती थी. ऐसा नहीं था कि औरतों को ज़िम्मेदारी नहीं संभालनी होती पर उसके साथ ही साथ वो अपनी नयी नेल पोलिश या साड़ी के बारे में भी उतनी ही आसानी से बात कर सकती थी.

‘By blogging, I'm able to leap past this location and have affirmation for indicating things which would only in any other case have gotten me glares and shunning.’

किसी को भी याद नहीं कि वो कभी लड़का भी थी. हर किसी की नज़र में वो हमेशा से ही लड़की थी. ऐसा कैसे हो सकता है? कैसा मायाजाल है ये? क्या इस दुनिया में कोई भी नहीं जो पुरानी सुमति को जानता हो? सुमति के मन में हलचल बढती जा रही थी.

बड़े भाई के रूप में भी सुमति अपने छोटे भाई रोहित को हमेशा से ही प्यार करती थी और उसका ध्यान रखती थी.

‘Pledging my affirmation to Australia is probably one of the most mature points I have at any time finished.’

By indicating the other of your self-judgemental declare. Absolutely! You can use your favourable mantra to overcome and quiet the detrimental ideas and actions within your mind.

“मैं जानती हूँ कि मेरी सहेली है ही इतनी खुबसूरत कि हर कोई उसे देखना चाह रहा होगा. पर आज शायद इस लाल रंग की ब्रा का भी कमाल होगा जिसका स्ट्रेप तेरे ब्लाउज से निकल कर दिख रहा है”, सुमति भी हँसने लगी.

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